उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि दो दिवसीय यूएई दौरे में कुल मिलाकर 15475 करोड़ के इन्वेस्टमेंट के करार पर दस्तखत किए गए हैं. जिसके तहत पहले दिन दुबई में 11925 करोड़ और दूसरे दिन अबू धाबी में 3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट शामिल हैं. उन्होंने कहा कि दिसंबर में होने वाला ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर काफी सकारात्मक महौल बना है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आगामी दिसंबर में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को सफल बनाने के लिए उन्होंने दिल्ली ही नहीं बल्कि लंदन, बर्मिंघम से लेकर दुबई और अबू धाबी तक कई निवेशक समूहों के साथ सफल बैठकें की. उन्होंने कहा कि इन सभी बैठकों में पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, फार्मा, कृषि, एग्रो के क्षेत्र में निवेशकों से कई अहम करार हुए हैं.
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि इस दौरान निवेशकों ने उत्तराखंड आने और यहां निवेश करने में काफी दिलचस्पी दिखाई है. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दुबई और आबू धाबी में हजारों करोड़ के निवेश पर करार हुआ है. इसके अलावा काफी प्रस्ताव भी आए हैं. उन्होंने कहा कि देश के अन्य शहरों में भी निवेशकों के साथ संवाद और रोड शो किये जाएंगे.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि 8-9 दिसंबर 2023 को देहरादून में प्रस्तावित इन्वेस्टर्स समिट तक अभी तक हुए सभी करारों को धरातल पर उतारने का काम होगा. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हुई बैठकों में जो भी सुझाव मिले हैं, उन सुझावों पर भी अमल किया जाएगा.
सीएम धामी ने कहा कि अब तक मिले प्रस्तावों और सुझावों में राज्य के लिए कौन से उपयोगी हैं और भविष्य में फायदेमंद हो सकते हैं- उनका आकलन करने के बाद उसे लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि निवेश के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने और प्राथमिक सेक्टर को मजबूत बनाने वाले प्रस्तावों और करारों को प्राथमिकता के आधार पर प्रोत्साहित किया जाएगा. उनके मुताबिक राज्य सरकार ने जो भी नीतियां बनाई हैं वे सभी निवेशकों, उद्योगों और उत्तराखंड के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अब तक संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन एवं दिल्ली में कुल मिलाकर अब तक 54550 करोड के इन्वेस्टमेंट के करार पर साइन किए जा चुके हैं. जिसमें यूएई में 15475 करोड, ब्रिटेन में 12500 करोड़,ब्रिटेन में 12 हज़ार 500 करोड़ और दिल्ली में आयोजित दो अलग-अलग कार्यक्रमों में 26,575 करोड़ के एमओयू शामिल हैं.